स्वभाव अर्थात स्व का अभाव
पहले स्वभाव का अर्थ था स्वयं का अभाव। अपने बारे में बाद में सोचना और दूसरों के हित का विचार करना ही मानव का स्वभाव हुआ करता था परन्तु समय के साथ शब्द 'स्वभाव' की परिभाषा परिवर्तित हो गई है। अब स्वभाव का अर्थ है 'स्व भाव' अर्थात अपने का भाव। आज मानव केवल अपने हित का भाव रखता है और यह उसका स्वभाव बन चुका है।
पहले स्वभाव का अर्थ था स्वयं का अभाव। अपने बारे में बाद में सोचना और दूसरों के हित का विचार करना ही मानव का स्वभाव हुआ करता था परन्तु समय के साथ शब्द 'स्वभाव' की परिभाषा परिवर्तित हो गई है। अब स्वभाव का अर्थ है 'स्व भाव' अर्थात अपने का भाव। आज मानव केवल अपने हित का भाव रखता है और यह उसका स्वभाव बन चुका है।
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